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शाकाहार वास्तव में एक वैज्ञानिक धारणा है। उसके कई अर्थ है - जिनमें पहला तो यह है कि जीव की हिंसा नहीं की जानी चाहिए और दूसरा यह है कि भोजन में केवल वे वस्तुएं शामिल हो जो शरीर को सात्विक रखें अर्थात् हमारे मन में हमारे शरीर के द्वारा हिंसा का भाव उदय न हो। शाकाहार करने वाला सद्गुणी, चरित्रवान और नैतिकता से पूर्ण इन्सान कहलाने के योग्य होता है। मनुष्य के लिए शाकाहार है और शाकाहार के लिए मनुष्य है।

भारतीय संस्कृति आर्य संस्कृति की आधारशिला है। आर्य संस्कृति का आहार भोजन शुद्ध शाकाहार ही रहा तभी हजारों वर्षों बाद भी जनमानस श्रमण संस्कृति के संस्थापक ऋषभदेव, चौबीस तीर्थंकर, गणधर, चक्रवर्ती, राम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, जीसस इत्यादि महापुरुषों ने इस भोजन से जीवन निर्माण कर स्व पर का कल्याण किया। भगवान् महावीर स्वामी ने शाकाहार को परिभाषित करते हुए आचारांग सूत्र के 1.1.3 में कहा कि 'सव्वेयिजीवयं पियं नाइवाएज्ज कंचणं' अर्थात् सभी को जीवन प्यारा है कोई मृत्यु को प्राप्त होना नही चाहता।

शाकाहार प्रेम का संदेश देता है। स्वस्थ शरीर रखने के लिए मनुष्य को शाकाहार करना चाहिए, इसी से मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। और यह जीने की कला सिखाता है। मांसाहार पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण है। मांसाहारी व्यक्ति के मन में दया का भाव नहीं होता है, इसलिए कहा गया है कि 'मांसाशिनि प्रतो दया'। मानव इतना स्वार्थी हो गया है कि क्षणिक अपने ही जिह्वा स्वाद के लालचवश होकर वह निर्दोष प्राणियों का वध करने एवं पर्यावरण का संतुलन बिगाडऩे से भी नहीं चूक रहा हैं।

शाकाहार का समर्थन करते हुए पैगम्बर मोहम्मद साहब ने कहा है कि 'दुनिया के प्रत्येक प्राणी पर रहम करो क्योंकि खुदा ने तुम पर बड़ी मेहरबानी की है।' 21 वीं सदी में हमारा देश, हमारी संस्कृति शाकाहार की गुणवश्रा को त्याग कर उनके स्थान पर मांसाहार को स्थापित करने के प्रयास में है। लेकिन हमारा यह कदम हमारी सुख -शांति और समृद्धि के लिए आत्मघाती है। शाकाहार के अन्तर्गत साग - हरी सब्जियां एवं फल मात्र ही नहीं आते अपितु गेहूं, जौ, चना, मक्का, समस्त प्रकार की दालें, मसालें भी आते हैं। शाकाहार अहिंसक प्रणाली पर आधारित एक परिपूर्ण भोजन व्यवस्था का नाम है। मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री चांडी का वक्तव्य याद आता है कि जब उन्होंने कहा था कि विश्व में शांति हेतु तीर्थंकरों के दो सिद्धान्त ही पर्याप्त है - अहिंसा और शाकाहार। 

स्टेट यूनिवसिटी ऑफ न्यूयॉर्क बफैली के अनुसार अमेरिका में प्रतिवर्ष 47000 से अधिक बच्चें माता - पिता के मांसाहारी होने के कारण जन्म से ही बीमारी से पीडि़त होते हैं। मांसाहार के जरिये मनुष्य के शरीर में 160 अन्य बीमारियां प्रवेश करती है, इनमें से कुछ जानलेवा ओर कुछ मंद प्राण घातक होती है।

मांस का व्यवसाय और भूखमरी

ब्राउन यूनिवर्सिटी के वल्र्ड हंगर प्रोग्राम के अन्तर्गत अनुमान लगाया गया है कि मांस उत्पादन के लिए जितना अनाज दुनिया में पशुओं को खिला कर उन्हें तैयार किया जा रहा है उससे केवल 2.6 अरब शाकाहारियों की भूख मिटाई जा सकती है। यदि मांस के व्यवसाय व उद्योग को अमानवीय घोषित कर दिया जाए तो दुनिया में इतना अनाज पैदा होता है कि कोई भी भूखा न रहें।

शाकाहार की लहर

1847 में पहली वेजिटेरियन सोसायटी की स्थापना ब्रिटेन में हुई। रेवरैंड विलियम का प्रहर्ड नामक व्यक्ति अमेरिका में शाकाहार का संस्थापक माना जाता है। रेवरैंड व अन्य कई जागरुक लोगों ने मिलकर 1950 में न्यूयार्क में वेजिटेरियन सोसायटी की स्थापना की। अमेरिका में शाकाहार के फैलाव के लिए अमेरिकी लेखिका एलन जी व्हाइट का योगदान भी महत्वपूर्ण है। 1889 में इग्लैंड़ में 52 शाकाहारी रेस्टोंरेंट थे जिनमें से 34 लंदन में थे। ब्रिटेन के प्रसिद्ध उपान्यासकार एवं समाजवादी चिंतक जॉर्ज बर्नाड शॉ पूर्ण शाकाहारी थे।

सुकरात, प्लेटो, अरस्तू भी शाकाहार के समर्थक थे। वर्तमान में भी अमेरिका में शाकाहार भोजन, मांसाहार भोजन की तुलना में मंहगा है। और इसे युवा पीढ़ी सिर्फ इसलिए अपना रही है क्योंकि वह स्वयं को उच्चवर्ग का हिस्सा बना सके।

नीदरलैंड में एनिमल राइट्स के लिए नई राजनीतिक पार्टी बनाई गई। 2006 के चुनाव में आश्चर्यजनक रुप से दो सीटे जीती। इससे लोगों का रुझान, समझ, और संवेदनशीलता का पता चलता है। अमेरिका के जॉन रोबिंस की पुस्तक 'डाइट फॉर अमेरिका' में उल्लेख है कि शाकाहार अपनाने वालों का स्वास्थ्य ज्यादा अच्छा पाया।

इस युग में अहिंसा प्रणेता महात्मा गांधी शाकाहार के कट्टर समर्थक हुए हैं। वे आजादी की लड़ाई के मामले में भी अहिंसा का प्रयोग करने में समर्थक थे। जीवन भर गांधी और विनोबाभावे सम्पूर्ण देश में शाकाहार का प्रचार करते रहे। गांधी के सम्पर्क में जो लोग आए उनमें सरोजनी नायडू और राजकुमारी अमृतकौर सरीखे लोगों ने शाकाहार ग्रहण किया। सुनते है कि मदर टेरेसा भी शाकाहारी थी। स्वामी शिवानंद के शिष्य व अन्तराष्ट्रीय योग वेदांत केन्द्र के संस्थापक स्वामी विष्णुदेवानंद शाकाहार के प्रबल समर्थक थे। बिश्नोई समाज में मांस के सेवन पर पूर्णतया पांबदी है। मान्यता है कि समाज के धर्मगुरु जंभेश्वर को जीवों से बेपनाह मुहब्बत थी इसी वजह से समाज का कोई भी व्यक्ति मांस को स्वीकार नहीं करता। समाचार पत्र दैनिक भास्कर 15 नवम्बर 2007 उदयपुर में प्रकाशित समाचार के अनुसार नागौर में सूफी हमीदुद्दीन नागौरी की दरगाह पर कोई भी मांस खाकर नहीं जाता है। सूफी के जीवन काल में एक गर्भवती गाय का शिकार करने वाले लोगों से उन्हें गाय की जान बख्श देने को कहा, परन्तु शिकारियों ने एक न सुनी। इसके बाद से उन्होंने शाकाहार अपना लिया। दादा वासवानी भी शाकाहार के समर्थक व प्रचारक रहें है।

उल्लेखनीय है कि दलाई लामा पूरी तरह से शाकाहारी है। शाकाहार अपनाने के बारे में दलाईलामा का अनुभव काफी रोचक रहा हैं तिब्बती समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग शाकाहार भोजन को स्वीकार कर रहा है। लगभग सभी बौद्ध मठों की रसोइयों में केवल शाकाहारी भोजन ही पकाया जाता हैं। ओशो वल्र्ड जनवरी 2011 के पृष्ठ 26 पर ओशो ने लिखा है कि हिटलर न तो शराब पीता था, न सिगरेट। वह पूर्ण शाकाहारी था।

हमें गर्व है

शाकाहार सिर्फ खान-पान से जुड़ा नहीं रह गया, बल्कि अब सेलेब्रिटीज का नया 'स्टाइल स्टेटमेंट' है, वे इसे सिर्फ अपना ही नहीं रहे है बल्कि शाकाहार का प्रचार भी कर रहें हैं।

भारत के पूर्व राष्टपति वैज्ञानिक डॉ. एपी जे अब्दुल कलाम शुद्ध शाकाहारी हैं।

60 वर्षीय बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का निश्चित रुप से उनकी अटऐक्टिव पर्सनलिटी व हेल्थ का राज शाकाहार है।

प्रसिद्ध अभिनेत्री विद्या बालन व उनका सम्पूर्ण परिवार शाकाहारी है। मुम्बई का शाकाहारी होटल 'बनाना लीफ' उनका प्रिय होटल है जहा पर भोजन केले के पत्तों पर परोसा जाता है।

महान् क्रिकेट स्टार अनिल कुंबले को मांस खाना पसंद नहीं हैं, वे विशुद्ध रुप से शाकाहारी है। उनका कहना है कि शाकाहार प्राणियों की रक्षा करता है।

धूम मचा दे-2 के गाने से प्रसिद्ध हुई अभिनेत्री एशा देओल बचपन में मांसहारी थी, लेकिन शाकाहारी मां हेमा मालिनी से प्रेरित होकर वे भी शुद्ध शाकाहारी हो गई। 2002 में कराई गई एक वोटिंग में उन्हें हॉटेस्ट वेजिटेरियन चुना गया था।

युवा अभिनेता शाहिद कपूर दस साल पहले मांस चिकन के बड़े शोकीन थे, लेकिन एक हेल्थ आर्टिकल पढऩे के बाद उन्होनें मांसाहार त्याग दिया। शाहिद का कुश्रा भी शाकाहारी है। यह सत्य है कि उन्होंने करीना कपूर को शाकाहार अपनाने के लिए प्ररित किया था।

2009 एशिया की वेजिटेरियन वुमन करीना कपूर चुनी गई। उन्होंनें शाकाहार 2006 में अपने प्रेमी शाहिद कपूर के कहने से अपनाया था। करीना कहती है कि शाकाहारी भोजन से दिमाग शांत रहता है।

एक जमाने के मांसाहारी जॉन अब्राहम, लेकिन एक बार चिकन प्रोसेसिंग फैक्टी में मुर्गियों को गाजर- मूली की तरह काटता देखकर वे द्रवित हो गए और उस समय से उन्होंने मांसाहार का आजीवन त्याग कर दिया।

मॉडल, एक्टर और फिजिशयन अदिति गोवित्रीकर न सिर्फ शाकाहारी अपितु पशुओं के प्रति नैतिक व्यवहार की समर्थक संस्था 'पेटा' के लिए सलाद के पश्रों की ड्रेस पहनकर शाकाहार का प्रचार किया।

बॉलीवुड एक्टेस मल्लिका शेरावत ने एक फैन के पूछने पर ट्विटर पेज पर कहा था कि उन्हें शाकाहारी होने पर नाज है। कुछ दिनों पूर्व मल्लिका शेरावत ने कहा कि उन्हें शाकाहारी पति की तलाश है।

टीवी सीरियल से लेकर क्रिकेट कॉमेंटी बॉक्स तक बिन्दास रहने वाली मंदिरा बेदी अपने खुबसूरत शरीर व एनर्जीलेव की क्रेडिट शाकाहार को देती है।

थ्री ईडियट के एक ईडियट आर. माधवन शुद्ध शाकाहारी हैं। पेटाडिशूम द्वारा कराई गई वोंटिग में क्यूटेस्ट वेजिटेरियन भी चुने गए है।

चेकोस्लोवाकिया मूल की प्रसिद्ध अभिनेत्री याना गुप्ता भी शुद्ध शाकाहारी है।

दुनिया के सबसे अमीर भारतीय स्टीलकिंग लक्ष्मी मिश्रल पक्के वेजिटेरियन है कि उन्होंने 2004 में अपनी बेटी वनीशा की शादी के दौरान फ्रांस के वर्साइल्स पैलेस में एक शानदार वेजिटेरियन रिसेप्शन दिया था। शादी का खर्च 315 करोड़ से भी अधिक था।

अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप के प्रमुख अनिल अंबानी शुद्ध शाकाहारी है और सिगरेट व शराब से बिल्कुल दूर रहते हैं।

बिरला ग्रुप के प्रमुख यश बिरला भी शाकाहारी है। 

यूके बेस्ट वेदांता रिसोर्सेज कार्पोरेशन के संस्थापक चेयरमेन अनिल अग्रवाल, अदानी ग्रुप के गौतम अदानी और कुमारमंगलम बिरला भी शुद्ध शाकाहारियों की जमात में है।

स्टार सुनील शेट्टी द्वारा हाल ही में 'लिटिल इटली' नामक नया रेस्टरां मुम्बई में खोला है जहां पर पूर्ण रुप से शाकाहारी खान-पान उपलब्ध है।

जानी मानी गायिका ऋचा शर्मा ने हाल ही में अपने जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि वह पूर्णतया शाकाहारी है।

मशहूर मॉडल मेहर भसीन बताती है कि उन्होंने न सिर्फ मांसाहार छोडा है, बल्कि जानवरों की खाल से बनाए जाने वाले कपड़े पहनना भी छोड़ दिया है।

भारत में जन्में आस्ट्रेलियाई अरबपति पंकज ओसवाल शाकाहार के प्रति इतने आग्रही है कि उन्होंने पर्थ में बन रहे अपने आलीशान महलनुमा घर की साइट पर भी मांस खाने की मनाही कर दी है। उनकी पत्नी राधिका ओसवाल ने हाल में ही लंदन में 'ओरेटियन' नामक रेस्टरां खोला है, जो दुनिया में अपनी तरह का अकेला रेस्टरां है जहां पूर्णतया शाकाहारी खाना की परोसा जाता है।

विजय माल्या जो शानदार पार्टियों के लिए मशहूर हैं लेकिन हर साल जब वे शबरीमला तीर्थ की यात्रा पर होते है तो महीने भर तक शाकाहारी भोजन व सादगी पूर्ण जीवन शैली का पालन करते है।

अभी हाल ही में रुस की राजधानी मास्को की 19 वर्षीय पूर्ण शाकाहारी नताल्या कांतेम्यूसेवा ने मिस रुस 2011 का खिताब जीता। नताल्या कांतेम्यूसेवा ने अपनी सुन्दरता का राज शाकाहारी होना व हरी सब्जियां खाना बताया।

दैनिक भास्कर, उदयपुर पेज 2 दिनांक: 16.11.2010 में प्रकाशित खबर के अनुसार वल्र्ड कैंसर रिसर्च फंड और अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च के संयुक्त अध्ययन में यह बात साबित हो चुकी है कि शाकाहारियों में कैंसर की आंशका नहीं होती है। अध्ययन में कैंसर का मुख्य कारण जो सामने आया वह था 'मांस'।

अपने एक वक्तव्य में हॉलीवुड अभिनेत्री पामेला एंडरसन ने कहा कि भारतीय मर्द काफी हॉट होते हैं खास तौर से वे पुरुष जो शाकाहारी होते हैं। उसने आगे कहा कि शाकाहार करके वे असल में जीवों पर दया करते हैं और मुझे लगता है कि जीवों के प्रति दयालु होने से ज्यादा हॉट बात और कोई हो नहीं सकती।

वर्ष 2007 में चेन्नई में प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक 'दि हिन्दू' में एक सर्वोक्षण हुआ जिसमें बताया गया है कि भारत में कुल 40 प्रतिशत व्यक्ति ही शाकाहारी है। जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक है। राजस्थान में 63 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 35 प्रतिशत, हरियाणा में 62 प्रतिशत, पंजाब में 48 प्रतिशत, उत्तरप्रदेश में 37 प्रतिशत, गुजरात में 45 प्रतिशत, तमिलनाडु में 8 प्रतिशत, आंधप्रदेश में 4 प्रतिशत, उड़ीसा में 8 प्रतिशत, बंगाल में 3 प्रतिशत व सबसे कम केरल में 2 प्रतिशत व्यक्ति ही शाकाहारी है। लेकिन ये आंकड़े सच से परे हैं। शाकाहारियों की संख्या इन आंकड़ों से कहीं अधिक है। (प्रैसवार्ता)

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