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मांसाहार का समाजशास्त्र

हमारे संत, महात्मा और योग गुरु सदियों से यही कहते रहे हैं कि अगर अपनी सेहत को बचाना है, तो मांसाहार त्यागकर सात्विक भोजन शुरू कर दो। पर शायद हर किसी के लिए शाकाहार को पूरी तरह अपनाना आसान भी नहीं है, इसलिए यह देश पूरी तरह शाकाहारी कभी नहीं हो सका। लेकिन इस बार मांसाहार का विरोध एक नए मोर्चे से हुआ है। पिछले दिनों जब ब्राजील की राजधानी रियो डी जनेरो में दुनिया भर के पर्यावरणवादी, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी और कई राष्ट्रों के प्रमुख ग्लोबल वार्मिग के खतरों पर चर्चा के लिए जमा हुए, तो वहां से एक…

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