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शफीक खान ऐसे मुसलमान हैं जिनके जीवन का लक्ष्य देश-दुनिया में अहिंसा और शाकाहार का प्रचार करना है. इस नेक काम के लिए उन्हें भारत सरकार की तरफ से महावीर एवार्ड पहले ही मिल चुका है. पिछले दिनों उन्हें एक जैन मुनि ने अपनी तरफ से सम्मानित किया. शफीक खान मध्य प्रदेश के सागर जिले के निवासी हैं. वे विचार संस्था के उपाध्यक्ष भी हैं. 108 आचार्य वर्धमानसागर महाराज जी, जो दिगम्बर तीर्थ क्षेत्र कुण्डलगिरी कुण्डलपुर जी दमोह म0प्र0 में चातुर्मास हेतु विराजे हैं, के सानिध्य में कुण्डलपुर तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्यों एवं आचार्य श्री के भक्तों ने अहिंसा व शाकाहार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए शफीक खान को सम्मानित किया.         

 तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से माला, तिलक, आचार्य श्री का चित्र, श्रीफल व शाल पहनाकर एवं आचार्य श्री के भक्त श्री युगल जैन जी की ओर से उनकी मां ‘‘बैंगलोर वाली अम्मा जी’’ ने अपने कर कमलों से शाकाहार के प्रचार प्रसार में सहयोग के लिये 41 हजार रूपया के अत्याधुनिक उपकरण जिनमें एक अत्याधुनिक एनड्रायड मोबाईल फोन एवं अत्यन्त तीव्र गति से काम करने वाला एक डिजीटल रिकार्डर भी है, सम्मान स्वरूप श्री शफीक खान को भेंट किये।    

    उल्लेखनीय है कि दिगम्बर साधुओं के भक्त शफीक खान को हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति डा हामिद अंसारी जी के कर कमलों से 10 लाख रुपये की आयकर मुक्त राशि का अहिंसा शाकाहार हेतु ‘महावीर अवार्ड‘ मिला है. अपना सारा जीवन जीव मात्र की सेवा में समर्पित कर देने वाले शफीक खान शाकाहार व अहिंसा के क्षेत्र में काम करने वाले एक जाने माने नाम बन चुके हैं. पिछले 7 सालों से वे विचार संस्था के माध्यम से पूर्णकालिक तौर पर समाज सेवा के कामों में लगे हुए हैं.

परम् पूज्य 108 आचार्य वर्धमानसागर जी ने आशीर्वाद देते हुये कहा कि अच्छे कामों के लिये संसाधनों की कमी नहीं होना चाहिये और शफीक खान को हमारा बहुत आशीर्वाद है. अहिंसा की स्थापना के लिये लोगों को प्रयास करते रहना चाहिये. देश में हिंसा के गैरकानूनी कारोबार, शराब व नशे का व्यापार चिन्तनीय विषय है. महावीर और गांधी के देश में इसकी कोई जगह होनी ही नहीं चाहिये. इस अवसर पर संघस्थ सभी साधुओं व आर्यिका माता जी ने भी शफीक खान को आशीर्वाद दिया. शफीक खान ने कहा है कि दिगम्बर सन्तों की कृपा व उनके भक्तों के सहयोग से, अब इन उपकरणों के सहारे अहिंसा व शाकाहार का मेरा मिशन अब हाई टेक तकनीक से लैस होना आरम्भ हो गया है. सन्तों के आशीर्वाद ने ही मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है और मैं सभी सन्तों को नमन करता हूं व सम्मान देने वालों का आभार मानता हूं।   

कपिल मलैया

अध्यक्ष विचार संस्था  सागर, म0प्र0

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