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पर्यावरण का हत्यारा भी है माँसाहार

अल्बर्ट आइंसटीन ने कहा था कि इस धरती पर जीवन बनाए रखनें में कोई भी चीज मनुष्य को उतना फायदा नहीं पहुचाएगी जितना कि शाकाहार का विकास। लेकिन आज दुनिया का अस्तित्व ही संकट में है और संकट का कारण है बिगड़ता पर्यावरण तथा ग्लोबल वार्मिंग। माना जा रहा है कि ग्रीन हाउस गैस ग्लोबल वार्मिंग की मुख्य कारक है और जानवर ग्रीनहाउस गैस का उर्त्सजन करते है। जब ग्लोबल वार्मिंग से दुनिया का अस्तित्व संकट में आ गया है तो इससे बचने के लिए जानवरों का खात्मा होना चाहिए लेकिन प्रकृति में जीवों की प्रत्येक प्रजाति का…

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